धनबाद
झारखंड सरकार के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने आज कहा कि “मेरे रहते किसी भी आदिवासी या उसके परिवार के साथ अन्याय नहीं हो सकता।” उन्होंने यह संतोष व्यक्त किया कि धनबाद के अस्पताल परिसर से लापता हुई एक आदिवासी बच्ची को 24 घंटे के भीतर सुरक्षित बरामद कर उसकी मां को सौंपा गया।
डॉ. अंसारी ने बताया कि जैसे ही उन्हें बच्ची के लापता होने की सूचना मिली, वे गहरे भावनात्मक रूप से व्यथित हो गए। उन्होंने कहा, “औलाद का दर्द और मां से बिछड़ने का दुःख हमसे बेहतर कोई नहीं जानता।”
मंत्री ने यह भी कहा कि यह सफलता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में संवेदनशील शासन व्यवस्था का परिणाम है। उन्होंने धनबाद पुलिस और जिला प्रशासन की तत्परता को सराहा और कहा कि इस मानवीय और त्वरित कार्रवाई ने आदिवासी मां की आंखों में खुशी और राहत ला दी।
डॉ. अंसारी ने अस्पताल प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए हैं कि इलाज के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल अमानवीय हैं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की छवि को भी प्रभावित करती हैं।

उन्होंने राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों और सदर अस्पतालों को निर्देशित किया है कि यदि भविष्य में इस प्रकार की कोई घटना होती है, तो उस संस्थान के उच्च स्तरीय पदाधिकारियों के खिलाफ सीधी और कठोर कार्रवाई की जाएगी। डॉ. अंसारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशीलता का प्रभाव राज्य की लगभग 4 करोड़ जनता पर पड़ता है। उन्होंने जनता का भरोसा अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि इसकी रक्षा करना सरकार और उनके लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
उन्होंने धनबाद पुलिस, जिला प्रशासन और पूरी टीम का हृदय से धन्यवाद किया और कहा कि आज वह मां सरकार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और प्रशासन को दुआएं दे रही हैं।
